विधायक कैलाश आचार्य ने अधिकारियों को लगाई फटकार
चंदौली।
क्षेत्र के बेलावर बंधी पर चल रहे निर्माण कार्य को किसानों की शिकायत के बाद विधायक कैलाश आचार्य ने तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि बंधी डिवीजन द्वारा कराए जा रहे मेड़बंदी और कुलावा निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। किसानों का कहना था कि पहले जिस प्रकार कुंड बनाकर कुलावा लगाया गया था, इस बार उस व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए कुलावा काफी नीचे लगाया जा रहा है, जिससे बंधी का पानी समय से पहले समाप्त हो जाएगा और किसानों को सिंचाई संकट का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार बेलावर बंधी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। हर वर्ष इसी बंधी के पानी से आसपास के गांवों के सैकड़ों बीघा खेतों की सिंचाई होती है। वर्तमान समय में बंधी डिवीजन की ओर से यहां मेड़बंदी और कुलावा निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होते ही किसानों ने तकनीकी खामियों की ओर ध्यान दिलाना शुरू कर दिया था। किसानों का आरोप था कि विभागीय अधिकारी पुराने ढांचे की अनदेखी कर रहे हैं और मनमाने तरीके से कुलावा का निर्माण करा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि पहले बंधी में कुंड बनाकर कुलावा लगाया गया था, जिससे पानी का स्तर नियंत्रित रहता था और आवश्यकता पड़ने पर लंबे समय तक खेतों को पानी मिल पाता था। लेकिन इस बार बिना कुंड बनाए ही कुलावा नीचे लगाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि कुलावा नीचे रहेगा तो पानी तेजी से बाहर निकल जाएगा और गर्मी या सूखे की स्थिति में खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। इससे धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित होगी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश आचार्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने विधायक को मौके पर ही निर्माण में हो रही खामियों से अवगत कराया। किसानों ने मांग की कि पहले की तरह कुंड बनाकर ही कुलावा लगाया जाए, ताकि बंधी का जलस्तर सुरक्षित रह सके।

किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक कैलाश आचार्य ने मौके पर मौजूद बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता और अन्य अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक पहले की व्यवस्था के अनुसार कुंड बनाकर कुलावा नहीं लगाया जाएगा, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा। विधायक ने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तकनीकी मानकों के अनुरूप ही कार्य कराया जाएगा।
विधायक के निर्देश के बाद निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया। इसके बाद किसानों ने राहत महसूस की और विधायक के हस्तक्षेप की सराहना की। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते इस मामले में ध्यान नहीं दिया जाता तो भविष्य में क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता था।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले तकनीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण कराया जाए और किसानों की राय को भी प्राथमिकता दी जाए। किसानों का कहना है कि बंधी केवल निर्माण का विषय नहीं बल्कि क्षेत्र की खेती और आजीविका से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार बेलावर बंधी वर्षों से किसानों के लिए जीवनरेखा का काम करती रही है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं हुआ तो इसका सीधा असर क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर पड़ेगा। फिलहाल विधायक के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य रुक गया है और किसान अब विभाग द्वारा पुराने स्वरूप के अनुसार कार्य कराए जाने की उम्मीद जता रहे हैं।इस दौरान उमाशंकर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राजेश सिंह, विरेंद्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।




