बिछिया धरना स्थल पहुंचने से रोकने का आरोप, किसान नेता बोले— खेती और आबादी को होगा भारी नुकसान
शहाबगंज (चंदौली)। प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह (चौहान) को पिछले चार दिनों से पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। किसान नेता के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जिला मुख्यालय स्थित बिछिया धरना स्थल पर पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।
शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के भोडसर गांव निवासी किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण से विद्यालय, मंदिर, गांव की बस्तियों और बड़ी मात्रा में खेती योग्य जमीन प्रभावित होगी। उनका कहना है कि सरकार के मौजूदा प्रस्ताव से किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान नेता ने कहा कि जिले में पहले से ही बेहतर सड़क मार्ग उपलब्ध हैं, ऐसे में नए एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में किसानों ने जिलाधिकारी से भी वार्ता की थी, लेकिन जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के निर्माण में जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है और जिला स्तर पर उन्हें इस संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं है।
इसके बाद किसानों ने सरकार से प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे की योजना वापस लेने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित बिछिया धरना स्थल पर आंदोलन शुरू कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें घर में नजरबंद किया गया है।
सतीश कुमार सिंह ने वर्तमान सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं और हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, क्षेत्र में किसान नेता के हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना उनका अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई किसानों की आवाज दबाने का प्रयास है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।




