आखिरकार अवैध खनन पर अब कौन लगाएगा रोक लोगों के मन में बना है प्रश्न चिन्ह
चकिया (चंदौली): चकिया तहसील के चकिया,शहाबगंज, इलिया, शिकारगंज बबुरी क्षेत्रों में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह काम दिन-रात लगातार जारी है और इसमें बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें कई वाहन अप्रशिक्षित चालकों द्वारा चलाए जा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

वन क्षेत्र में भी धड़ल्ले से होता है खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, चकिया के आसपास के वन क्षेत्रों में भी नियमों को दरकिनार कर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। बिना किसी अनुमति के जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी निकाली जा रही है और उसे आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है।इस गतिविधि से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी भी की जा रही है। वन विभाग भी चुप्पी साधे हुए हैं।
दिन-रात साउंड लगाकर दौड़ते ट्रैक्टर, सुरक्षा पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात सड़कों पर तेज आवाज में गाना बजाकर दौड़ते रहते हैं। कई चालक नाबालिग या अप्रशिक्षित बताए जा रहे हैं, जो बिना किसी सुरक्षा मानकों के वाहन चला रहे हैं।
संकीर्ण ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार से गुजरते ये वाहन न सिर्फ राहगीरों बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं।
पहले भी हो चुकी है दर्दनाक घटना
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व सीहर गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान विजई यादव की ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बावजूद आज तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
यह घटना आज भी लोगों के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा करती है।
प्रशासन व खनन विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
हालांकि समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन विभाग इस गंभीर मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
धुल से पर्यावरण और जनजीवन दोनों पर असर
ट्रैक्टरों से लगातार मिट्टी ढोए जाने से उठ रही धूल से जहां स्कूली छात्र परेशान है वहीं बाजारों के व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
इसके अलावा लगातार ट्रैक्टरों के आवागमन से ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी खराब होती जा रही है।
खुलेआम हो रहा नियमों का उल्लंघन 5 से 7 फिट हो रही खुदाई

चकिया क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन केवल नियमों का उल्लंघन कर जमीन से 5 से 7 फीट मिट्टी निकाली जा रही है, पूछने पर यह अभी बताया जाता है कि खनन विभाग ने हमें परमिशन जारी किया है जबकि 2 फीट के नीचे खनन विभाग भी परमिशन जारी नहीं कर सकता। बल्कि यह जनजीवन और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पूर्व में हो चुकी दुर्घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
प्रशासन को चाहिए कि वह इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।




