सांसद का नाम-फोटो भी गायब, बीडीओ दिनेश सिंह का नाम भी नहीं, पूरे कार्यक्रम में होती रही चर्चा
चंदौली एक्सप्रेस | शहाबगंज
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मंगलवार को शहाबगंज विकास खंड परिसर में आयोजित सरकारी कार्यक्रम का बैनर और मंच व्यवस्था पूरे समारोह में चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम के आधिकारिक बैनर पर एक ओर स्थानीय भाजपा विधायक कैलाश आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह के फोटो लगाए गए, वहीं इसी संसदीय क्षेत्र के समाजवादी पार्टी के सांसद छोटेलाल खरवार का न तो फोटो लगाया गया और न ही उनका नाम अंकित किया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम के आधिकारिक बैनर से खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह का नाम भी गायब रहा, जिसकी भी पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चा होती रही।
बैनर से सांसद और बीडीओ का नाम-फोटो गायब

सरकारी कार्यक्रम के आधिकारिक बैनर में सांसद छोटेलाल खरवार का नाम और फोटो शामिल नहीं किए जाने के साथ-साथ खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह का नाम भी नहीं दर्शाया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इसे लेकर दिनभर चर्चा होती रही और कई लोगों ने इसे प्रशासनिक चूक बताया।
मंच पर अतिथियों के क्रम को लेकर उठे सवाल
सबसे अधिक चर्चा मंच पर अतिथियों के क्रम को लेकर रही। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह को मुख्य अतिथि बनाया गया, जबकि वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा को विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थान दिया गया। सरकारी कार्यक्रम में वर्तमान पदाधिकारी से ऊपर पूर्व पदाधिकारी को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
राजनीतिक निष्पक्षता पर भी उठे सवाल
बैनर में भाजपा नेताओं को प्रमुखता दिए जाने और क्षेत्र के निर्वाचित सांसद छोटेलाल खरवार का नाम एवं फोटो शामिल न किए जाने पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकारी आयोजनों में राजनीतिक निष्पक्षता दिखाई देनी चाहिए और यदि जनप्रतिनिधियों के फोटो लगाए जाते हैं तो सभी संबंधित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
बैनर किस आधार पर तैयार हुआ, उठ रहे सवाल
कार्यक्रम का बैनर विकास खंड प्रशासन की ओर से तैयार कराया गया था। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि अतिथियों का चयन और बैनर का प्रारूप किन मानकों के आधार पर तय किया गया। लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि सरकारी आयोजन में इस प्रकार की विसंगतियां क्यों सामने आईं।
लगातार दूसरी बार बना चर्चा का विषय
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विकास खंड प्रशासन द्वारा तैयार कराए गए इस आधिकारिक बैनर में सांसद छोटेलाल खरवार का नाम और फोटो किस कारण शामिल नहीं किया गया। लगातार दूसरी बार ऐसी स्थिति सामने आने से स्थानीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन के स्पष्टीकरण का इंतजार
इस संबंध में विकास खंड अधिकारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। यदि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




