महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, भूमाफिया और टॉप-10 अपराधियों पर विशेष फोकस
चन्दौली।
जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में घटित अपराधों, लंबित विवेचनाओं, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और ट्रैफिक व्यवस्था समेत कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में आकाश पटेल, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल कायम रखा जाए।
गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट में कार्रवाई तेज करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी ने कहा कि जिले में चिन्हित माफियाओं और शातिर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज की जाए, ताकि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। साथ ही गुंडा एक्ट के तहत भी अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर संरक्षण न मिले और उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए

हत्या, लूट और महिला अपराधों पर गंभीरता
बैठक में हत्या, लूट, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की विशेष समीक्षा की गई। डीआईजी ने निर्देश दिया कि ऐसे गंभीर मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी तत्काल सुनिश्चित की जाए। साथ ही न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
महिला सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए कहा गया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। ITSSO पोर्टल पर दर्ज अपराधों की नियमित समीक्षा और त्वरित निस्तारण के भी निर्देश दिए गए।
भूमाफियाओं और सरकारी जमीन कब्जाने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2017 के बाद सरकारी भूमि से हटाए गए कब्जों की समीक्षा कर संबंधित लोगों का आपराधिक इतिहास खंगालने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

साइबर अपराध पर विशेष निगरानी
साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साइबर ठगी के मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए। 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए थाना स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब, मादक पदार्थ और गो-तस्करी पर सख्ती
बैठक में अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और गो-तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि ऐसे अपराधों में शामिल गिरोहों की पहचान कर उनके वित्तीय नेटवर्क को भी खंगाला जाए। गो-तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर जैसी कठोर कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
हिस्ट्रीशीटर और टॉप-10 अपराधियों की होगी लगातार निगरानी
समीक्षा बैठक में जिले के हिस्ट्रीशीटरों और टॉप-10 अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन अपराधियों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए।
साथ ही इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर अभियान चलाने को कहा गया।
IGRS और जनसुनवाई मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर
डीआईजी ने कहा कि जनसुनवाई और IGRS पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। थाना स्तर पर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए तथा पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश
बैठक में ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
इसके अलावा दंगा नियंत्रण उपकरणों की जांच कर उन्हें हर परिस्थिति में उपयोग के लिए तैयार रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। डीआईजी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




