जुलाई तक नियुक्ति का आश्वासन, नहीं हुई व्यवस्था तो घेराव-धरने की चेतावनी
इलिया (चंदौली)। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने इलिया स्थित पशु चिकित्सालय की दुर्दशा का निरीक्षण कर गंभीर अनियमितताओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि अस्पताल परिसर में झाड़-झंखाड़ का अंबार लगा है, भवन की दीवारें जर्जर होकर ढह रही हैं तथा मुख्य और अंदरूनी दोनों गेटों पर ताले लटके हुए हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार अस्पताल में पिछले दो वर्षों से न तो कोई पशु चिकित्सक तैनात है और न ही कंपाउंडर, चपरासी अथवा नाइट गार्ड। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले पशुपालक बंद अस्पताल देखकर वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। इसका सीधा असर क्षेत्र के पशुपालकों पर पड़ रहा है और समय पर इलाज न मिलने से कई पशु दम तोड़ रहे हैं।
बताया गया कि इस अस्पताल पर करीब 30 से 35 गांवों के पशुपालक निर्भर हैं। चिकित्सक के अभाव में लोगों को इलाज के लिए 8 से 10 किलोमीटर दूर शहाबगंज अथवा लगभग 15 किलोमीटर दूर चकिया जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है, वहीं कई बार पशुओं की जान भी चली जाती है। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुमार मौर्य से फोन पर वार्ता कर अस्पताल में जल्द चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की। वहीं ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार द्विवेदी ने जिलाधिकारी से तत्काल डॉक्टर की तैनाती सुनिश्चित करने की अपील की।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुमार मौर्य ने बताया कि जुलाई माह की शुरुआत में इलिया पशु चिकित्सालय में योग्य चिकित्सक की नियुक्ति कर दी जाएगी। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जुलाई माह तक डॉक्टर और कंपाउंडर की नियुक्ति नहीं की गई तो संगठन के कार्यकर्ता मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
निरीक्षण के दौरान राम अवध सिंह, अशोक कुमार द्विवेदी, अभय मौर्य, पीएन यादव तथा गोपाल यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




