लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में श्रम मंत्री अनिल राजभर द्वारा ग्राम प्रधान मुन्ना भास्कर को बाल श्रम मुक्त गांव कलानी के लिए हुए सम्मानित
शहाबगंज। विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत कलानी को बाल श्रम मुक्त गांव के रूप में चयनित किए जाने पर ग्राम प्रधान मुन्ना भास्कर को लखनऊ में आयोजित एक विशेष समारोह में शुक्रवार को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने ग्राम प्रधान को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की।
बताया जाता है कि शहाबगंज विकास क्षेत्र से ग्राम पंचायत कलानी एकमात्र गांव है, जिसे बाल श्रम उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर इस सम्मान के लिए चुना गया। गांव में बच्चों को श्रम से दूर रखकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, अभिभावकों को जागरूक करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के प्रयासों को देखते हुए यह उपलब्धि मिली है।

लखनऊ में आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में मुन्ना भास्कर को सम्मानित किया गया। इस दौरान मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। इसे समाप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कलानी गांव द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए इसे अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद ग्राम प्रधान मुन्ना भास्कर ने कहा कि यह सम्मान पूरे गांव की जनता, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी बच्चे को मजदूरी करने के लिए मजबूर न होना पड़े और सभी बच्चे विद्यालय जाएं, इसके लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।

ग्राम प्रधान के सम्मानित होने की खबर से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे शहाबगंज विकास क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे अन्य गांवों को भी बाल श्रम मुक्त वातावरण बनाने की प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कलानी गांव शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।




