98.87 लाख की लागत से बने एप्रोच मार्ग में महज छह माह के भीतर हुआ था धंसाव, राहगीरों के लिए बना था हादसे का खतरा
चंदौली एक्सप्रेस
इलिया, चंदौली। चंदौली एक्सप्रेस पर मालदह पुल से महदाइच होते हुए बिहार सीमा को जोड़ने वाले एप्रोच मार्ग के धंसने और बीच सड़क में बने जानलेवा गहरे गड्ढे की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आ गया। खबर का असर यह रहा कि विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर आनन-फानन में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। लंबे समय से हादसे की आशंका के बीच आवागमन करने वाले राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने मरम्मत शुरू होने पर राहत की सांस ली है।

मालदह पुल से बिहार सीमा की ओर जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बिहार की ओर से आने-जाने वाले मिट्टी, मोरंग और बालू लदे भारी वाहनों की भी लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के बीच एप्रोच मार्ग धंसने और गहरा गड्ढा बनने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी।
बताया जाता है कि करीब 240 मीटर लंबे एप्रोच मार्ग और लघु सेतु का निर्माण 98.87 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। हैरानी की बात यह रही कि निर्माण कार्य पूरा होने के महज कुछ ही महीनों बाद मार्ग का एक हिस्सा धंस गया और सड़क के बीच गहरा गड्ढा उभर आया। स्थानीय लोगों ने इसे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल बताते हुए विभागीय अधिकारियों से जांच कराने की मांग की थी।
भारी वाहनों के बीच जानलेवा बना था गड्ढा

सड़क के बीच बने गहरे गड्ढे के कारण खासकर रात के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अनजान वाहन चालकों के लिए यह गड्ढा किसी बड़े खतरे से कम नहीं था। भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण धंसा हुआ हिस्सा और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बनी हुई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई जाती तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। चंदौली एक्सप्रेस ने इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए “जानलेवा गड्ढा” बनने की खबर प्रकाशित की, जिसके बाद संबंधित विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और मरम्मत कार्य शुरू कराया।
केवल गड्ढा भरने से नहीं होगा स्थायी समाधान
हालांकि स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विभाग केवल ऊपर से गड्ढा भरने तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच भी कराए। लोगों का कहना है कि कमजोर मिट्टी, एप्रोच मार्ग के नीचे पर्याप्त कम्पैक्शन न होना, जलनिकासी की उचित व्यवस्था का अभाव अथवा भारी वाहनों का लगातार दबाव धंसाव के संभावित कारण हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मरम्मत कार्य के दौरान सड़क की नीचे की परतों की भी जांच की जाए और जलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। ताकि कुछ समय बाद दोबारा सड़क धंसने और गड्ढा बनने की स्थिति न पैदा हो।
लोगों ने कहा—खबर के बाद शुरू हुआ काम
मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों ने चंदौली एक्सप्रेस की खबर को लेकर संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह गड्ढा राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ था, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने तेजी दिखाते हुए काम शुरू कराया।
अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि विभाग क्षतिग्रस्त हिस्से की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराएगा, जिससे बिहार सीमा को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग सुरक्षित बना रहे और भविष्य में राहगीरों को फिर किसी जानलेवा गड्ढे का सामना न करना पड़े।




