शासनादेशों का धरातल पर पालन कराने की मांग, समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
शहाबगंज (चंदौली)। विकासखंड शहाबगंज की बीसी सखियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। विशिष्ट करेस्पॉन्डेंट महिला उत्थान समिति की ओर से दिए गए पत्रक में पिछले पांच वर्षों में जारी शासनादेशों को धरातल पर लागू कराने, लंबित मानदेय का भुगतान करने और कार्य के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
समिति की ब्लॉक अध्यक्ष रीना देवी की ओर से सौंपे गए पत्रक में कहा गया है कि बीसी सखियों के हित में कई शासनादेश जारी किए गए हैं, लेकिन उनका समुचित अनुपालन नहीं हो रहा है। इससे बीसी सखियों को कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शासनादेशों का प्रभावी ढंग से पालन कराने की मांग की है।
बीसी सखियों ने उठाईं छह प्रमुख समस्याएं
पत्रक में बीसी सखियों ने छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 25 सितंबर से हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान प्राप्त शासनादेशों के अनुसार ग्राम पंचायत भवन में बैठने की समुचित व्यवस्था कराने, बैंकों के माध्यम से ओवरड्राफ्ट आईडी कार्ड उपलब्ध कराने तथा नए राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़ने वाली बीसी सखियों को आईडी प्रदान करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा शासन की ओर से छह महीने तक प्रतिमाह चार हजार रुपये मानदेय देने के आश्वासन के बावजूद भुगतान नहीं होने की शिकायत की गई है। कई बीसी सखियों का दो से चार महीने तक का मानदेय बकाया बताया गया है। उन्होंने लंबित मानदेय का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की है।
बीसी सखियों ने यह भी कहा कि शासनादेश के अनुसार पंचायत स्तर पर मनरेगा भुगतान का कार्य उनसे कराया जाना चाहिए। वहीं, बैंकों की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरण खराब होने और तकनीकी सहायता नहीं मिलने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने उपकरणों की मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार लैपटॉप की व्यवस्था कराने की मांग की है।
समिति ने उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारी इन समस्याओं का जल्द समाधान कराएंगे। पत्रक में चेतावनी दी गई है कि यदि एक महीने के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बीसी सखियां संबंधित अधिकारियों के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी।पत्रक देने में शामिल अध्यक्ष रिना देवी,मंजू,गीता,सोनी, अर्चना,पूनम,आरती सिंह, प्रियंका,सुनिता गुप्ता समेत महिलाएं उपस्थित थीं।




