किसान विकास मंच ने बेन-धरौली नहर पर किया प्रदर्शन, सिंचाई विभाग के खिलाफ धरने की चेतावनी
इलिया (चंदौली)। बेन-धरौली नहर के बटौवा फाल के नीचे पानी की कमी से धान की फसल की सिंचाई प्रभावित होने पर सोमवार को किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने नहर पर प्रदर्शन किया। इसके बाद आपात बैठक कर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से हजारों बीघा धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बने कुलावे भी पानी नहीं पकड़ रहे हैं, जिससे किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।
किसान विकास मंच के प्रवक्ता जयनाथ सिंह ने कहा कि बटौवा फाल के नीचे नहर में पानी का प्रवाह पर्याप्त नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि सिंचाई विभाग की ओर से नहर में पानी नहीं बढ़ाया गया तो संगठन के कार्यकर्ता चकिया स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पर धरना देने के लिए बाध्य होंगे।
मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। समय से सिंचाई नहीं होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने बताया कि नहर में पानी की स्थिति से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता बृजेश तिवारी और अवर अभियंता दीपक मिश्रा को वीडियो क्लिप भेजकर अवगत कराया गया है। इसके बाद भी किसानों की समस्या दूर नहीं होने से उनमें नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर की नियमित पेट्रोलिंग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण पानी की समस्या बनी हुई है।
किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं के अनुसार, बटौवा फाल से नीचे खेतीपुर, खिलची, राजडीहा, बरियारपुर, परमानंदपुर, रोहाखी और खखड़ा सहित अन्य गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाले कुलावे पानी नहीं पकड़ रहे हैं। इससे इन गांवों में धान की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने सिंचाई विभाग से नहर में पानी का प्रवाह बढ़ाने और कुलावों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन और आपात बैठक में किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, प्रवक्ता जयनाथ सिंह, रामभरत सिंह, सुरेश मौर्य, संगठन मंत्री राम अवध सिंह, मंगल राम, जीतेंद्र यादव, लक्ष्मण सिंह, अनीसुर्रहमान, पंकज सिंह और राम प्यारे बिंद सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।




