तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में छाया सन्नाटा
शहाबगंज, चंदौली। किड़िहिरा गांव में कुएं से समरसेबुल निकालने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद रविवार को पूरे गांव में मातम पसरा रहा। शनिवार को हुए हादसे में वारिश (18), आखिरुज्जमा (28) और तौकीर (17) की जान चली गई थी। रविवार को तीनों युवकों के शवों को गांव के कब्रिस्तान में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक किया गया। एक साथ तीन नौजवानों के जनाजे उठने से गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।

शनिवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। शव पहुंचते ही स्वजन और रिश्तेदारों की आंखों से आंसू छलक पड़े। मृतकों के घरों पर महिलाओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के गांवों के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
रविवार को अंतिम विदाई के लिए तीनों युवकों के जनाजे एक साथ गांव की गलियों से होते हुए कब्रिस्तान की ओर रवाना हुए। गांव में एक साथ तीन जनाजे उठने का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। जनाजे के साथ बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान तक पहुंचे। रास्ते भर गमगीन माहौल रहा और हर किसी की आंखें नम थीं।

कब्रिस्तान पहुंचने के बाद धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार तीनों युवकों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने मिट्टी देकर मृतकों को अंतिम विदाई दी। गांव के लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन जवान बेटों को खोने का दर्द स्वजनों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था।
शनिवार को किड़िहिरा गांव में कुएं में लगे समरसेबुल की मरम्मत करने और उसे निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान युवक कुएं में उतरे और हादसे का शिकार हो गए। इस दर्दनाक घटना में वारिश, आखिरुज्जमा और तौकीर की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई थी और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

एक ही गांव के तीन युवकों की अचानक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। रविवार को गांव में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित रहीं और अधिकांश लोग इस दर्दनाक घटना की चर्चा करते नजर आए। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक खुशियों और भविष्य की उम्मीदों का माहौल था, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
तीनों युवकों की कम उम्र में मौत से उनके परिवार गहरे सदमे में हैं। वारिश महज 18 वर्ष और तौकीर 17 वर्ष के थे, जबकि आखिरुज्जमा की उम्र 28 वर्ष थी। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही दिन में गांव के तीन युवाओं का चले जाना बेहद दुखद और कभी न भूलने वाली घटना है।
रविवार को पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। मृतकों के घरों पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा था तो कोई इस दर्दनाक हादसे को याद कर भावुक हो जा रहा था। एक साथ तीन युवकों के जनाजे उठने का मंजर देखकर गांव का हर व्यक्ति गमगीन नजर आया। तीन परिवारों पर टूटे इस दुख के पहाड़ ने किड़िहिरा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।




