चकिया में किसानों के मकान व फसलों का सर्वे कर मुआवजा देने की उठी मांग
शहाबगंज। उत्तर प्रदेश किसान सभा मंडल कमेटी शहाबगंज की बैठक सरकारी समिति परिसर में आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिलने तथा लगातार बारिश के कारण धान की फसलों में जलभराव की समस्या को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन सहकारी समितियों और सरकारी केंद्रों पर किसानों को खेती के लिए आवश्यक डीएपी और यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसानों को समय से आवश्यक खाद ही नहीं मिलेगी तो उत्पादन और किसानों की आय कैसे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई गांवों की धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। जिगना, हड़ौरा, ओलीपुर, बरांव, भिटिया, खिलची रजडिहा, केरायगांव, जेगुरी, इमिलिया सहित अन्य गांवों में खेतों में पानी भरा हुआ है। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं कराई गई तो बड़ी संख्या में किसानों की धान की फसल बर्बाद हो सकती है।
बैठक में बताया गया कि लगातार बारिश के कारण गरीब परिवारों के कच्चे मकान भी गिर रहे हैं। गोविंदीपुर गांव के नखडू यादव और हरि यादव के कच्चे मकान गिरने का मामला भी बैठक में उठाया गया। किसान सभा ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी चकिया और तहसील प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों का तत्काल दौरा कराया जाए तथा लेखपालों के माध्यम से फसलों और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों एवं गरीब परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
बैठक में किसान सभा ने बुलडोजर की राजनीति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में बंजर और परती जमीनों पर वर्षों से बसे गरीब परिवारों की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा। आगामी 30 तारीख को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय बड़ी बैठक में अधिक से अधिक किसानों और मजदूरों से भाग लेने की अपील की गई।
संगठन ने सितंबर माह को आंदोलन का महीना बनाने का फैसला भी लिया। इसके तहत प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर किसानों और मजदूरों की बैठकें तथा पंचायतें आयोजित कर उनकी समस्याओं को लेकर संघर्ष की रणनीति तैयार की जाएगी।
जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट करने और विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र मांगे जाने की नीति का कड़े शब्दों में विरोध किया।
बैठक में स्वामीनाथ, नंदलाल राम, बदरूदजा अंसारी, लालजी मास्टर, मुसाफिर राम, सखी चौहान, रामलाल मौर्य, अजय शेखर यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने भी क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों से जुड़ी समस्याओं पर अपने विचार रखे।




