छात्र के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा; परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
चकिया (चंदौली)। चकिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में तैनात एक शिक्षक पर कक्षा चार के दलित छात्र के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि शिक्षक ने छात्र की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि उसके शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पड़ गए। घटना के बाद छात्र के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है तथा दोषी शिक्षक के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

परिजनों के अनुसार छात्र विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई करने जाता है। आरोप है कि किसी बात को लेकर शिक्षक संजीव तिवारी ने छात्र को डांटने के बाद मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पिटाई के दौरान छात्र के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पड़ गए। घर पहुंचने पर छात्र ने पूरी घटना परिजनों को बताई, जिसके बाद मामला सामने आया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भी नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों को सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण देने का स्थान होता है, ऐसे में किसी भी छात्र के साथ शारीरिक दंड या दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले विकासखंड नौगढ़ के एक विद्यालय में भी छात्र से मारपीट का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराई थी, जबकि प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया था। इसके बाद बीएसए ने सभी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि किसी भी छात्र को शारीरिक या मानसिक दंड नहीं दिया जाएगा तथा ऐसे मामलों में जिम्मेदार शिक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरोप यह भी है कि बीएसए के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित शिक्षक ने छात्र के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह विभागीय आदेशों के उल्लंघन के साथ-साथ बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना के भी विपरीत माना जाएगा।
फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। चंदौली एक्सप्रेस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।




