शहाबगंज की भुसीकृत पुरवा और खिलची रजड़िहा समेत कई ग्राम पंचायतें सूची में शामिल, डीपीआरओ ने जारी किए निर्देश
चंदौली एक्सप्रेस | इलिया ,जनपद के विभिन्न विकास खंडों में वर्षों से जर्जर और अनुपयोगी हो चुके पंचायत भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी चंदौली ने शासन से प्राप्त स्वीकृति के बाद जिले की 32 ग्राम पंचायतों के जर्जर पंचायत भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण के बाद निकलने वाले मलबे की नियमानुसार नीलामी कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
डीपीआरओ कार्यालय से 24 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश तथा जिलाधिकारी की स्वीकृति के क्रम में जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थित जर्जर पंचायत भवनों के ध्वस्तीकरण का अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
जारी सूची के अनुसार बरहनी, चहनिया, चकिया, चंदौली, धानापुर, नौगढ़, नियामताबाद, शहाबगंज तथा सकलडीहा विकास खंड की कुल 32 ग्राम पंचायतें इस कार्रवाई में शामिल हैं। इनमें बरहनी विकास खंड की जमुरा और खझरा, चहनिया की नादी निधौरा, पुरा सोनहुला, महुवारी खास, अगस्तीपुर, सिकरौरा कला एवं प्रभुपुर, चकिया की मैनपुर, डबरीकला, भस्करपुर और भागूपुर, चंदौली विकास खंड की रघुनाथपुर, भटपुरवा, कुरई और बजहा, धानापुर की निडिलपुर एवं शाहिदगांव, नौगढ़ की बजरडीहा, अमृतपुर, सोनवार और लव्वारी कला, नियामताबाद की रेमा एवं धपरी, शहाबगंज की भुसीकृत पुरवा और खिलची रजड़िहा तथा सकलडीहा विकास खंड की दुर्गापुर, चांदपुर, बलारपुर, पंचदेवरा, सलेमपुर और खगवल ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
डीपीआरओ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जर्जर पंचायत भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद निकलने वाले मलबे की नीलामी व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ नियमानुसार कराई जाएगी। संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि मलबे की नीलामी निर्धारित मूल्य अथवा उससे अधिक मूल्य पर कराते हुए ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाए। नीलामी एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद उसकी सूचना आवश्यक अभिलेखों सहित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
आदेश की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, उप निदेशक (पंचायत) वाराणसी मंडल, सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों तथा सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को भी आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।
जनपद के कई पंचायत भवन काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कई स्थानों पर भवनों की दीवारें, छत और अन्य संरचनाएं कमजोर होने के कारण इनके उपयोग में सुरक्षा संबंधी खतरा बना हुआ था। ऐसे भवनों में पंचायत संबंधी कार्यों का संचालन भी प्रभावित हो रहा था। शासन से ध्वस्तीकरण की स्वीकृति मिलने के बाद अब इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
ध्वस्तीकरण के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में नए पंचायत भवनों के निर्माण का रास्ता भी खुलेगा। अब ग्रामीणों की निगाह इस बात पर रहेगी कि ध्वस्तीकरण और मलबे की नीलामी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमानुसार संपन्न हो तथा इसके बाद नए पंचायत भवनों के निर्माण की कार्रवाई भी शीघ्र शुरू की जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर पंचायत भवन की सुविधा मिल सके।




