तियरा राजवाहा का तटबंध टूटा, नहर का पानी बहा वापस कर्मनाशा में
शहाबगंज (चंदौली)। सिंचाई विभाग द्वारा लेफ्ट कर्मनाशा नहर में पानी छोड़े जाने के कुछ ही समय बाद व्यवस्था की पोल खुल गई। सोमवार को तियरा गांव के समीप तियरा राजवाहा का तटबंध टूट जाने से राजवाहा का पूरा पानी वापस लेफ्ट कर्मनाशा नहर में जाने लगा। तटबंध टूटने से जहां किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है, वहीं तियरा से कलवारी, राममाड़ो, मोरारी समेत कई गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी पूरी तरह बंद हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार तियरा राजवाहा में पानी आने के बाद तटबंध कमजोर स्थान पर टूट गया। देखते ही देखते कटान बढ़ने लगी और सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने दोनों तरफ बांस व अन्य अवरोध लगाकर आवागमन बंद कर दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी किसानों को झेलनी पड़ रही है। इन दिनों किसान धान की नर्सरी तैयार करने और खेतों की सिंचाई की तैयारी में जुटे थे। नहर में पानी आने से किसानों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन तटबंध टूटने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। तियरा, मचवल, नौडिहा, लटाव, कलवारी, गोरारी सहित आसपास के कई गांवों के किसान सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर और राजवाहा की समय पर मरम्मत व सफाई नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। यदि पहले से कमजोर स्थानों की मरम्मत कराई गई होती तो तटबंध टूटने की नौबत नहीं आती। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल मरम्मत कराकर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता (जेई) जितेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। किसानों की समस्या को देखते हुए मंगलवार से मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क के संबंध में लोक निर्माण विभाग को भी अवगत करा दिया गया है ताकि आवागमन जल्द से जल्द बहाल कराया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर खुलने के साथ ही तटबंध टूटना विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो धान की खेती प्रभावित होने के साथ ही ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।




