भुगतान में देरी से आर्थिक संकट झेल रहे प्रधान, जिला मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी
चकिया,मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान दो वर्षों से लंबित होने से ग्राम प्रधानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भुगतान नहीं होने से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे प्रधानों ने गुरुवार को चकिया विकासखंड मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल यादव के नेतृत्व में प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार राय को ज्ञापन सौंपा।
धरने पर बैठे प्रधानों ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत गांवों में पक्के कार्य कराए जाने के बावजूद करीब दो वर्षों से भुगतान नहीं किया गया है। इससे प्रधानों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की गई सरिया, सीमेंट, बालू और गिट्टी के दुकानदारों का भुगतान नहीं होने से प्रधानों को लगातार तकादा झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह हो गई है कि दुकानदारों की देनदारी चुकाना प्रधानों के लिए मुश्किल हो गया है।
प्रधानों ने कहा कि गांवों में विकास कार्य कराने के लिए निर्माण सामग्री उधार लेकर काम पूरा कराया गया, लेकिन समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से प्रधानों में नाराजगी है।
प्रधानों ने संबंधित अधिकारियों से लंबित भुगतान शीघ्र जारी कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे
इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष रामलाल यादव, आशुतोष जायसवाल जितेंद्र राय, संजय पासवान, पारसनाथ यादव, नरेंद्र कुमार सीपी उपाध्याय, संजू पटेल, राकेश गुप्ता पप्पू यादव, सहित तमाम प्रधान मौजूद रहे।




