प्रधानाध्यापक ने सहायक अध्यापक पर बच्चों को भड़काने का लगाया आरोप, बीईओ बोले- निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
शहाबगंज, चंदौली। विकासखंड शहाबगंज के प्राथमिक विद्यालय पालपुर में शिक्षकों के बीच चल रहा आपसी विवाद अब छात्रों और अभिभावकों तक पहुंच गया है। प्रधानाध्यापक पर छात्रों की पिटाई के आरोप के बाद मंगलवार को विद्यालय परिसर में हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं, प्रधानाध्यापक ने पूरे मामले को सुनियोजित साजिश करार देते हुए सहायक अध्यापक पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया है। मामले ने शिक्षा विभाग की भी चिंता बढ़ा दी है।

अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। उनका कहना है कि विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंद करने के बाद बच्चों की पिटाई की जाती है, जिससे छात्र भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई बच्चों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों से पिटाई की शिकायत की, जिसके बाद अभिभावक विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं, प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी छात्र के साथ मारपीट नहीं की है। उनका आरोप है कि विद्यालय के सहायक अध्यापक शैलेन्द्र उनसे व्यक्तिगत और विभागीय कारणों से नाराज हैं तथा छात्रों को भड़काकर उनके खिलाफ झूठे आरोप लगवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से पूरे घटनाक्रम को साजिश के तहत अंजाम दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय में काफी समय से दोनों शिक्षकों के बीच मतभेद चल रहे हैं। अब यह विवाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। अभिभावकों का कहना है कि आपसी विवाद का असर बच्चों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए और विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण हर हाल में सुरक्षित और अनुशासित रहना चाहिए
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान छात्रों, अभिभावकों, विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि जांच में किसी भी पक्ष की गलती सामने आती है तो विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्राथमिक विद्यालय पालपुर का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रों की पिटाई के आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या यह वास्तव में शिक्षकों के आपसी विवाद का परिणाम है या फिर आरोपों में तथ्य मौजूद हैं।




