पुलिस कार्रवाई से किसान संगठन में नाराजगी, लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप का लगाया आरोप
शहाबगंज। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रस्तावित ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं पर कार्रवाई की। संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश चौहान को पुलिस ने यात्रा से एक दिन पहले उनके घर पर नजरबंद कर दिया। कार्रवाई से किसान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई।
भारतीय किसान यूनियन की ओर से 13 अगस्त को ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा निकालने का आह्वान किया गया था। जिलाध्यक्ष के अनुसार, यात्रा को लेकर तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही उन्हें घर पर नजरबंद कर दिया। उनका आरोप है कि उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया और किसी भी तरह की तिरंगा यात्रा अथवा कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।

किसान नेता सतीश चौहान ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में घर-घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में किसानों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा निकालने पर रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है।
बताया गया कि कार्रवाई के दौरान सीओ अजीत सिंह चौहान, शहाबगंज थाना प्रभारी/एसएचओ समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। किसान नेताओं ने नजरबंदी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों में हस्तक्षेप बताया।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और किसानों की समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखना था। उन्होंने प्रशासन से किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।




