आंधी के आगे बेबस दिखा सिस्टम, सड़क और बिजली व्यवस्था चरमराई
चकिया/चंदौली। बुधवार शाम अचानक बदले मौसम और तेज आंधी-तूफान ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे मुख्य मार्गों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। वहीं बिजली के पोल और तार टूट जाने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और देर रात तक लोग परेशानियों से जूझते रहे।
सबसे अधिक असर चकिया-मुगलसराय मुख्य मार्ग पर देखने को मिला, जहां अमरा गांव के समीप एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरते ही मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। कई यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह छोटे वाहनों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन पेड़ काफी बड़ा होने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का कार्य शुरू कराया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।

इसी तरह इलिया-चकिया मार्ग पर मंगरौर गांव के समीप भी तेज तूफान के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर पड़ा। अचानक मार्ग बंद हो जाने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। कई बाइक सवार और राहगीर पेड़ गिरने की घटना से बाल-बाल बच गए।
लेवा इलिया मार्ग पर भी कई स्थानों पर पेड़ और डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे पूरे मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। ग्रामीणों ने खुद ही कुल्हाड़ी और आरी की मदद से पेड़ों की डालियां हटाने का प्रयास किया। कई गांवों का संपर्क कुछ समय के लिए मुख्य मार्गों से कट गया था।

आंधी-तूफान के चलते बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। कई जगह बिजली के पोल टूट गए और तार जमीन पर गिर पड़े। इसके चलते चकिया, इलिया और आसपास के कई गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा गया। लोगों को मोबाइल चार्ज करने, पानी की सप्लाई और अन्य जरूरी कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें देर रात तक फॉल्ट ढूंढने और टूटे तारों को ठीक करने में लगी रहीं।
तूफान के दौरान कई कच्चे मकानों और टीनशेड को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज हवा के कारण कई घरों की छतें उड़ गईं और पेड़ गिरने से कुछ मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं। हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन लोग काफी दहशत में रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारु कराया जाए और बिजली व्यवस्था बहाल की जाए। वहीं मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटे तक मौसम खराब रहने की संभावना जताए जाने के बाद ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।




